नयी दिल्ली। कोरोनावायरस ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को काफी चोट पहुंचाई है। भारतीय अर्थव्यवस्था को भी कोरोनावायरस और इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण काफी नुकसान हो रहा है। इस बीच एक ताजा रिपोर्ट में भारत के 21 बड़े राज्यों को अप्रैल महीने में 97,100 करोड़ रुपये की इनकम का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है। रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार देश के 21 प्रमुख राज्यों को लॉकडाउन के कारण 97,100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
इंडिया रेटिंग्स की रिपोर्ट कहती है कि आम तौर पर अप्रैल का समय किसी वित्त वर्ष को अलविदा कहने और नए वित्त वर्ष को उम्मीदों के साथ देखने का होता है। नए वित्त वर्ष में केंद्र और राज्य सरकारों दोनों के लिए एक नया राजस्व और खर्च लक्ष्य होता है। मगर 2020-21 लॉकडाउन के बीच शुरू हुआ है, जिसने अर्थव्यवस्था की गति पर रोक लगाई है। वास्तव में उत्पादन में रुकावट, सप्लाई चेन / व्यापार चैनलों के टूटने और विमानन, पर्यटन, होटल जैसे क्षेत्रों में कारोबार इतनी तेजी से रुका है कि भले ही लॉकडाउन मई मध्य तक खत्म हो जाए तब भी वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही तक आर्थिक गतिविधियां सामान्य होने की संभावना नहीं है।
इकोनॉमी में आई अड़चनों से सरकार और बिजनेस दोनों की इनकम को बराबर झटका लगा है। केंद्र और राज्य सरकारों दोनों के सामने नकदी की कमी का संकट है। मगर इंडिया रेटिंग्स के मुताबिक राज्यों के सामने चुनौती बड़ी है, क्योंकि उन्हें कोरोना से लड़ने के साथ साथ इससे संबंधित खर्चे भी उठाने पड़ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा परिस्थितियों में केंद्र सरकार से राज्य सरकारों को कब और कितनी मदद मिलेगी कहा नहीं जा सकता। इसके अलावा राज्यों की खुद की इनकम काफी नीचे पहुंच गई है। इससे राज्य सरकारें इनकम जनरेट करने के नए तरीके खोज रही हैं।
