स्टार्टअप फंडिंग के मामले में वैश्विक रैंकिंग में भारत 2023 में चौथे स्थान पर फिसल गया क्योंकि पिछले पांच वर्षों में सबसे कम फंडिंग भारत में हुई है। ट्रैक्सन द्वारा संकलित किये आंकड़ों के अनुसार भारत इस साल कुल फंडिंग (5 दिसंबर तक) के मामले में अमेरिका, ब्रिटेन और चीन के बाद चौथे स्थान पर रहा। 2021 और 2022 मेंभारत वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर था.
इस साल की तीसरी तिमाही में सबसे अधिक वित्त पोषित देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, चीन और फ्रांस के बाद भारत पांचवें स्थान पर खिसक गया। 2023 की तीसरी तिमाही ने कुल $1.5 बिलियन जुटाए, जो कि Q2 2023 से 30 प्रतिशत कम और Q3 2022 से 54 प्रतिशत कम है। इस वर्ष की आखरी तिमाही में $957 मिलियन की सर्वकालिक फंडिंग तिमाही दर्ज की गई है।
ट्रैक्सन की रिपोर्ट बताती है कि भारत के स्टार्टअप सर्दियों में फंडिंग के प्रभावों का अनुभव कर रहे हैं।2022 की अंतिम तिमाही में फंडिंग में बढ़त के बाद, हर तिमाही में फंडिंग में गिरावट देखी जा रही है, Q3 2023 में फंडिंग में निरंतर गिरावट देखी जा रही है। फंडिंग प्रवाह में गिरावट के बावजूद भारत ने इस साल कुल फंडिंग के मामले में शीर्ष 5 जियोलॉजिकल सेक्टर में अपना स्थान बरकरार रखा है। 2023 के लिए अंतिम चरण की फंडिंग में 73 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, इसके बाद शुरुआती चरण की फंडिंग (70 %) और सीड-स्टेज फंडिंग (60 %) में गिरावट दर्ज हुई। 100 मिलियन डॉलर से ऊपर के राउंड की संख्या केवल 17 दर्ज की गई, जो कि 69 प्रतिशत की गिरावट है।

