नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज तीसरी यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम को संबोधित किया. इस फोरम की थीम ‘यूएस-इंडिया नेविगेटिंग’ न्यू चैलेंजेस रही. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा स्थिति फ्रेश माइंडसेट की मांग करती है. एक ऐसा माइंडसेट जहां, विकास के लिए अप्रोच मानव केन्द्रित हो. जहां हर किसी के बीच सहयोग की भावना हो. पीएम ने कहा कि जब 2020 शुरू हुआ तो क्या किसी ने सोचा था कि यह ऐसा रहेगा. एक वैश्विक महामारी ने सभी को प्रभावित किया है. यह हमारी resilience, पब्लिक हेल्थ सिस्टम और इकोनॉमिक सिस्टम को टेस्ट कर रही है.
भारत 1.3 अरब लोगों की आबादी और सीमित संसाधनों वाला देश है. बहुत कम समय में हमने मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाया, चाहे वो कोविड अस्पताल हों, आईसीयू, या कुछ भी. जनवरी में हमारे पास एक टेस्टिंग लैब थी, आज देश भर में 1600 के करीब कोविड टेस्टिंग लैब हैं. मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में किए गए प्रयासों के परिणाम ही हैं कि भारत में कोरोना से प्रति लाख व्यक्ति पर मृत्यु दर दुनिया में सबसे कम है. रिकवरी रेट भी धीरे-धीरे बढ़ रही है. आगे कहा कि महामारी ने कई चीजों को प्रभावित किया लेकिन यह 1.3 अरब भारतीयों की इच्छाओं और महत्वाकाक्षांओं को प्रभावित नहीं कर पाई.
मुझे खुशी है कि हमारे यहां देश में व्यापार जगत के लोग, खास कर छोटे उद्योग से जुड़े लोग, बहुत प्रो-एक्टिव हैं. पीपीई किट के क्षेत्र में हम कहीं नहीं थे, आज हम इसके विनिर्माण में दुनिया में दूसरे स्थान पर हैं. पिछले कुछ महीनों से राष्ट्र कोविड के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं से भी लड़ रहा है, बाढ़, लोकस्ट अटैक, एक के बाद एक, दो चक्रवात… इन सबके बीच हमारे देश के लोग और मजबूत होते गए.

