FMCG कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड को आयकर विभाग से 962.75 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस मिला है। इसमें 329.3 करोड़ रुपये का ब्याज भी शामिल है।
सोमवार को एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, नोटिस में HUL को बताया गया है कि यह रकम TDS न काटने पर लगाई गई है। टैक्स की यह डिमांड GSK ग्रुप की संस्थाओं से इंडिया HFD IPR के अधिग्रहण से जुड़े भुगतान के लिए 3,045 करोड़ रुपये का रेमिटेंस देते समय TDS न चुकाने को लेकर भेजी गई है।
2018 में हिंदुस्तान यूनिलीवर ने 3,045 करोड़ रुपये में GSK से हॉर्लिक्स ब्रांड का अधिग्रहण किया था। इसमें भारत, बांग्लादेश और 20 से ज्यादा देश शामिल हैं। इस अधिग्रहण के जरिए बूस्ट, माल्टोवा और वीवा जैसे अन्य जीएसकेसीएच ब्रांड भी एचयूएल के पोर्टफोलियो में शामिल हो गए। कंपनी के मुताबिक, पहले भी ऐसे कई उदाहरण रहे हैं, जिनमें कहा गया है कि किसी अमूर्त संपत्ति का मूल स्थान उसके मालिक के स्थान से जुड़ा होता है। इसलिए ऐसी अमूर्त संपत्तियों की बिक्री से होने वाली आय पर भारत में कर नहीं लगाया जा सकता।
कंपनी इस आदेश के खिलाफ अपील करेगी। कंपनी ने कहा कि उसे आयकर विभाग द्वारा की गई मांग को वसूलने का अधिकार है। कंपनी को मिले नोटिस के बीच आज हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है।

