एक बिजनेस अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ट्रम्प प्रशासन द्वारा निर्यात पर संभावित टैरिफ वृद्धि के लिए तैयार हो रहा है, ताकि इसका प्रभाव कम से कम हो। रिपोर्ट में कहा गया है कि विभिन्न मंत्रालय और विभाग अलग-अलग स्थितियों की समीक्षा कर रहे हैं और टैरिफ में संभावित वृद्धि का क्षेत्रवार विश्लेषण कर रहे हैं।
इसमें कहा गया है कि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चिंताओं को दूर करने के लिए भारत अमेरिका से कुछ उत्पादों पर आयात शुल्क कम करने पर विचार कर सकता है। 20 जनवरी को पदभार ग्रहण करने वाले ट्रम्प ने फिर से भारत और ब्राजील जैसे देशों पर पारस्परिक टैरिफ लगाने की धमकी दी है, उन पर अमेरिकी वस्तुओं पर भारी शुल्क लगाने का आरोप लगाया है।
16 दिसंबर को मार-ए-लागो में एक समाचार सम्मेलन में बोलते हुए अमरीका के होने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्यापार में निष्पक्षता की आवश्यकता पर जोर दिया और लंबे समय से चले आ रहे असंतुलन को दूर करने की कसम खाई। ट्रम्प ने कहा, “अगर वे हम पर कर लगाते हैं, तो हम भी उन पर उतना ही कर लगाते हैं।” एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत हमसे कुछ उत्पादों पर 100 या 200 प्रतिशत शुल्क लेता है। यदि वे हमें साइकिल भेजते हैं और हम उन्हें साइकिल भेजते हैं, तो वे हम पर भारी कर लगाते हैं, जबकि हम उनसे कुछ भी शुल्क नहीं लेते हैं लेकिन अब यह बदलने जा रहा है।

