नई दिल्ली: पिछले साल मई में बहुत ज्याद लो बेस इफेक्ट रहने के कारण इस साल मई में भारत के औद्योगिक उत्पादन (IIP) की ग्रोथ 29.3 फीसदी रही। कम लो बेस इफेक्ट के कारण ही अप्रैल 2021 में IIP की ग्रोथ 134 फीसदी थी। इस साल मार्च IIP की ग्रोथ 22.4 फीसदी दर्ज की गई थी।
सरकार ने जून 2021 के लिए IIP का डाटा 12 जुलाई को जारी किया है। इस साल फरवरी तक IIP की ग्रोथ नकारात्मक थी।
सरकार ने कहा, “पिछले साल मार्च 2020 से कोरोनावायरस संक्रमण के कारण लॉकडाउन था जिसकी वजह से पिछले साल के ग्रोथ के आंकड़ों पर गौर करना चाहिए।”
वाजिब यही है कि मई 2021 के आंकड़ों की तुलना मई 2020 से ना की जाए क्योंकि उस दौरान लॉकडाउन था। कोरोनावायरस संक्रमण के कारण पूरे देश में लॉकडाउन की वजह से फैक्टरी में कामकाज पूरी तरह से बंद था।
मई में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का आउटपुट 34.5 फीसदी बढ़ा था। इससे पहले लो बेस इफेक्ट के कारण ही अप्रैल में इसकी ग्रोथ 200 फीसदी थी। मार्च में ससकी ग्रोथ 25.8 फीसदी रही।

