अपने घर का सपना देखने वाले होम लोन लेकर घर तो खरीद लेते हैं लेकिन सालों साल हर महीने क़िस्त (EMI) चुकाना एक समस्या रहती है। माना कि लोन लेने से पहले इंसान इस बात की प्लानिंग करता है कि उसे क़र्ज़ किस तरह चुकाना है लेकिन ज़िन्दगी के उतार चढ़ाव कहीं न कहीं रूकावट ज़रूर डालता है , इसीलिए होम लेने वाले ज़्यादातर लोगों की यही कोशिश होती है कि उनकी मासिक क़िस्त कम से कम हो. होमलॉन की मासिक क़िस्त कम करने के मुख्य रूप से दो लोकप्रिय तरीके हैं। पहला वो जिसमें आप अपने बैंक मैनेजर से होम लोन की ईएमआई कम करने का अनुरोध कर सकते हैं। दूसरा ये कि आप होम लोन को किसी ऐसे बैंक या किसी एनबीएफसी में ट्रांसफर कर सकते हैं जहां आपको कम ब्याज दर देना पड़े.
अगर आप पहला तरीका चुनते हैं तो बैंक प्रबंधक की आधिकारिक मेल आईडी पर आपको एक ईमेल भेजना होगा और मौजूदा होम लोन ब्याज दर को कम करने के लिए अनुरोध करना होगा। अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो बैंक मैनेजर आपके साथ रियायत कर सकता है. अगर आप लोन ट्रांसफर के तरीके चुनते हैं तो आपको उन बैंकों और एनबीएफसी कंपनियों की होम लोन ब्याज दरों की तुलना करनी चाहिए जहाँ ब्याज दरें कम हों और उसमें से सबसे अच्छे विकल्प को अपनाना चाहिए.
होम लोन ट्रांसफर करने के लिए भी आपको कुछ बातें जानना ज़रूरी है. नंबर एक- होम लोन ट्रांसफर के लिए सबसे पहले आपको मौजूदा बैंक से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना चाहिए। दूसरा- जिस बैंक में होम लोन ट्रांसफर करना चाहते हैं वहां एनओसी और जरूरी दस्तावेजों के साथ होम लोन के लिए आवेदन करें। इस प्रक्रिया के बाद आपको नए बैंक या एनबीएफसी से होम लोन अप्रूवल लेटर मिल जाएगा इसके बाद नया बैंक होम लोन की रकम जारी करेगा साथ ही आपको अपना पुराना लोन बंद करना होगा.अब आपके पुराने बैंक ही संपत्ति और दस्तावेज ट्रांसफर करेंगे. ऑटो डेबिट भी आपका रद्द कर दिया जाएगा. थोड़ी प्रक्रिया और होगी और आपका होम लोन ट्रांसफर हो जायेगा।

