डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए ICICI बैंक एक नया नियम लागू करने जा रहा है. अब बैंक अपने ग्राहकों से लोन की EMI बैंक ब्रांच में जाकर कैश में जमा करने पर ‘कैश ट्रांजेक्शन चार्ज’ वसूलेगा. ICICI बैंक इस नियम को 15 सितंबर 2020 से लागू करने जा रहा है. बैंक का कहना है कि डिजिटल इंडिया पहल के अनुरूप हम अपने ग्राहकों को लोन के रिपेमेंट के लिए डिजिटल माध्यमों को इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं.
ICICI बैंक ने कई डिजिटल माध्यम ग्राहकों को उपलब्ध कराए हुए हैं, जिनसे से वे आसानी से लोन का रिपेमेंट कर सकते हैं. इनमें यूपीआई, रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS), नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रान्सफर (NEFT), क्लिक टू पे, ICICI बैंक इंटरनेट बैंकिंग, अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंटरी सर्विस डेटा (USSD) आदि शामिल हैं. इनमें से किसी एक माध्यम को www.icicibank.com/pay पर जाकर लोन के भुगतान के लिए चुना जा सकता है.
लोन की ईएमआई कैश में भरने पर बैंक द्वारा लगाया जाने वाले चार्ज विभिन्न लोन प्रॉडक्ट के मामले में 100 रुपये होगा. इस चार्ज के ऊपर टैक्स अलग से लगेगा. बैंक के विभिन्न लोन प्रॉडक्ट में होम लोन, पर्सनल लोन, कार लोन, कंज्यूमर फाइनेंस लोन, एजुकेशन लोन, कमर्शियल व्हीकल लोन, टूव्हीलर लोन, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट लोन, मेडिकल इक्विपमेंट लोन? ऑफिस इक्विपमेंट लोन, थ्री व्हीलर लोन, यूज्ड कार लोन, गवर्मेंट स्पॉन्सर्ड लोन, फार्म इक्विपमेंट, फार्मर फाइनेंस, सेल्फ हेल्प ग्रुप को दिया जाने वाला लोन, टॉप अप लोन्स, प्रधानमंत्री रोजगार योजना और बैंक द्वारा आइडेंटिफाई किए गए अन्य प्रॉडक्ट शामिल हैं.

