इस साल जनवरी-जून में दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट बाजार ने सबसे ज्यादा 633.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निजी निवेश आकर्षित किया। इसकी ख़ास वजह ये रही कि निवेशकों ने प्राइम ऑफिस स्पेस और लग्जरी हाउसिंग की भारी मांग का फायदा उठाया। रियल एस्टेट कंसल्टेंट कुशमैन एंड वेकफील्ड की नई पूंजी बाजार रिपोर्ट के मुताबिक, इस कैलेंडर साल के पहले छह महीनों में दिल्ली-एनसीआर को 633.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर मिले।
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में हुए कुल निवेश में से ऑफिस एसेट्स को 483.6 मिलियन डॉलर और रिहायशी एसेट्स को 149.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर मिले। दिल्ली-एनसीआर में निवेश में उछाल मुख्य रूप से ऑफिस सेगमेंट की वजह से आया है। शहर के रिहायशी सेक्टर, खासकर हाई-एंड और लग्जरी सेगमेंट में भी दिलचस्पी है। इसमें कहा गया है कि जनवरी-जून 2024 में छह प्रमुख शहरों में रियल एस्टेट में कुल निवेश 3.9 बिलियन डॉलर रहा। मल्टी-सिटी डील में करीब 1.9 बिलियन डॉलर का निवेश किया गया। बेंगलुरु में 509.5 मिलियन डॉलर, हैदराबाद में 319.9 मिलियन डॉलर, चेन्नई में 234.7 मिलियन डॉलर, पुणे में 151.7 मिलियन डॉलर और मुंबई में 147 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ।
कुशमैन एंड वेकफील्ड के वैल्यूएशन एंड एडवाइजरी और कैपिटल मार्केट्स की प्रबंध निदेशक सोमी थॉमस ने कहा, “2024 की पहली छमाही में 3.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निजी इक्विटी प्रवाह (जो पिछले साल के कुल प्रवाह का 70 प्रतिशत से अधिक हो चुका है) भारत के रियल एस्टेट बाजार में महत्वपूर्ण वृद्धि और निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है।”

