RBI ने क्रेडिट रिपोर्टिंग के नए नियम जारी किए हैं। इन नियमों का असर आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट और क्रेडिट स्कोर पर भी पड़ेगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अभी क्रेडिट कार्ड बिल चुकाने के कुछ देर बाद ही आपकी कार्ड लिमिट बहाल हो जाती है। इतना ही नहीं, अगर आप एक बिलिंग साइकिल में पूरा कार्ड बिल नहीं चुकाते हैं, तो भी आप लिमिट से ज्यादा ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आपको चार्ज देना होगा।
कार्ड जारीकर्ता ओवरलिमिट राशि का 2.5% चार्ज करता है, जिसमें न्यूनतम 500 का शुल्क लगता है। यह चार्ज एक बिलिंग साइकिल में एक बार लगाया जा सकता है। आप अपने बैंक या कार्ड जारी करने वाली कंपनी से बात करके प्रक्रिया समझ सकते हैं कि आपके कार्ड पर ओवरलिमिट ट्रांजैक्शन की अनुमति है या नहीं और अगर हां, तो इसके लिए आपको कितना चार्ज देना होगा। इसके अलावा, आप अपने कार्ड की लिमिट बढ़ाने के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।
बैंक को अब पिछले मासिक आवृत्ति के आधार पर रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के बजाय क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो (इंडिया) लिमिटेड (CIBIL) या एक्सपेरियन को आपकी क्रेडिट आदतों की रिपोर्ट देनी होगी। इसका मतलब है कि आपका क्रेडिट स्कोर संभावित रूप से एक महीने के दौरान उतार-चढ़ाव कर सकता है, जो पहले ऐसा नहीं था।
मान लीजिए कि आपने अपने कार्ड की सीमा का 80 प्रतिशत इस्तेमाल कर लिया है, जिससे आपका क्रेडिट स्कोर थोड़ा कम हो सकता है। लेकिन अगर आप बिलिंग चक्र समाप्त होने और बिल जनरेट होने से पहले बिल का भुगतान करना चाहते हैं, तो इससे आपके स्कोर पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

