नई दिल्ली: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है. भारतीय सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में 7 महीने बाद पहली बार अक्टूबर में ग्रोथ दर्ज की गई है. इसके पहले सर्विस सेक्टर एक्टिविटी में फरवरी में ग्रोथ दर्ज हुई थी. लेकिन कोरोना संकट के चलते मार्च से सितंबर तक इसमें गिरावट रही. अब धीरे धीरे मार्केट कंडीशन बेहतर होने और कोविड 19 से जुड़ी पाबंदियां खत्म होने के बाद इस क्षेत्र में सुधार आने लगा है. एक मंथली सर्वे से यह जानकारी सामने आई है. बता दें कि देश की अर्थव्यवस्था में सर्विस सेक्टर का अपना एक महत्वपूर्ण स्थान होता है. हालांकि नौकरी के मोर्चे पर अबभी दबाव बना हुआ है.
अक्टूबर महीने में सर्विस पीएमआई 54.1 रही है. सितंबर में यह 49.8 रही थी. इस तरह इंडियन सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स फरवरी के बाद से पहली बार 50.0 के नो चेंज मार्क यानी अपरिवर्तन स्तर से ऊपर गया है. आईएचएस मार्किट इंडिया सर्विसेज पीएमआई के अनुसार, पीएमआई का 50 के स्तर से ऊपर रहना विस्तार को दर्शाता है. वहीं, 50 से नीचे संकुचन को दर्शाता है.
आईएचएस मार्किट की एसोसिएट डायरेक्टर (अर्थशास्त्र) पॉलियान्ना डी लीमा का कहना है कि यह देखना उत्साह बढ़ाने वाला है कि भारतीय सेवा क्षेत्र अपने समकक्ष मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को ज्वॉइन कर रहा है. यह इस साल के शुरू में कोरोना वायरस महामारी के कारण हुए भारी नुकसान से उबर रहा है.
उनका कहना है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रिकवरी आना अगस्त में शुरू हो गया था और अब सर्विस सेक्टर ने भी रिकवरी शुरू कर दी है. सर्विस प्रोवाइडर्स ने अक्टूबर महीने के दौरान नए काम और व्यावसायिक गतिविधि में ठोस विस्तार के संकेत दिए हैं. सर्विस सेक्टर की कंपनियों ने नए काम में बढ़ोत्तरी दर्ज की है, जो उन्होंने सफल मार्केटिंग प्रयासों और मांग में मजबूती के चलते प्राप्त की है.

