Close Menu
    What's Hot

    ज़ीस्केलर और भारती एयरटेल ने देश में साइबर सुरक्षा और भरोसेमंद AI को बढ़ावा देने के लिए ‘AI एंड साइबर थ्रेट रिसर्च सेंटर’ शुरू करने की घोषणा की

    February 21, 2026

    एयरटेल ने ‘OTP लीक से होने वाले फ्रॉड’ रोकने के लिए नया AI-आधारित सुरक्षा फीचर लॉन्च किया

    February 11, 2026

    हाफले इंडिया ने गुरुग्राम में अपने अब तक के सबसे बड़े फ्लैगशिप डिज़ाइन सेंटर का उद्घाटन किया

    February 6, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    फाइनेंस खबरफाइनेंस खबर
    • होम
    • फिक्स्ड डिपॉजिट
    • पर्सनल लोन
    • होम लोन
    • म्युचुअल फंड
    • इंश्योरेंस
    • क्रेडिट कार्ड
    • इक्विटीज
    • विलयन और अर्जन
    • स्टार्टअप
    • बैंक
    • अन्य
      • पी आर
    फाइनेंस खबरफाइनेंस खबर
    Home»फीचर न्यूज»तीसरी तिमाही में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पैसा डाल सकती है सरकार
    फीचर न्यूज

    तीसरी तिमाही में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पैसा डाल सकती है सरकार

    Finance KhabarBy Finance KhabarSeptember 27, 2020No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn Telegram Pinterest Tumblr Reddit WhatsApp Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को पूंजी समर्थन उपलब्ध करा सकता है. संसद के हाल में समाप्त सत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए 20,000 करोड़ रुपये के कोष को मंजूरी दी गई है. संसद ने 2020-21 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांग के पहले बैच के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए 20,000 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. सूत्रों ने कहा कि यदि जरूरत पड़ती है कि नियामकीय पूंजी की अनिवार्यता को पूरा करने के लिए अक्टूबर-दिसंबर की तिमाही में बैंकों को पूंजी उपलब्ध कराई जा सकती है.

    सूत्रों ने बताया कि बैंकों के दूसरी तिमाही के नतीजों से अंदाजा लग जाएगा कि किस बैंक को नियामकीय पूंजी की जरूरत है और उसी के अनुरूप पुनर्पूंजीकरण बॉन्ड जारी किए जाएंगे. इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को चालू वित्त वर्ष के दौरान इक्विटी और बांड के जरिए पूंजी जुटाने को पहले ही शेयरधारकों की मंजूरी मिल चुकी है. उल्लेखनीय है कि सरकार ने बजट 2020-21 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पूंजी डालने को लेकर किसी तरह की प्रतिबद्धता नहीं जताई थी. सरकार को उम्मीद थी कि बैंक अपनी जरूरत के हिसाब से बाजार से पूंजी जुटा लेंगे.

    वित्त वर्ष 2019-20 में सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 70,000 करोड़ रुपये डाले थे. पिछले वित्त वर्ष में पंजाब नेशनल बैंक को सरकार से 16,091 करोड़ रुपये का निवेश मिला था. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 11,768 करोड़ रुपये, केनरा बैंक को 6,571 करोड़ रुपये और इंडियन बैंक को 2,534 करोड़ रुपये मिले थे. इसी तरह इलाहाबाद बैंक को 2,153 करोड़ रुपये, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया को 1,666 करोड़ रुपये और आंध्रा बैंक को 200 करोड़ रुपये मिले थे. इन तीनों बैंकों का अब अन्य बैंकों के साथ विलय हो चुका है.

    infusion
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    Previous Articleबंदरगाहों की माल ढुलाई में 25 प्रतिशत गिरावट: IPA
    Next Article CAIT का ‘भारत ई-मार्केट’ पोर्टल अक्टूबर में
    Finance Khabar

    Related Posts

    1 अक्टूबर 2025 से कई नए नियम लागू, जानें क्या होगा असर

    September 30, 2025

    भारत की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री नई ऊँचाइयों पर

    September 25, 2025

    नई कार ही नहीं, सेकेंड हैंड कार भी सस्ती – लेकिन लोन कैसे लें?

    September 23, 2025
    Add A Comment

    Comments are closed.

    Top Posts
    वैश्विक स्तर पर पहलीबार,एयरटेलने36 करोड़ भारतीयों को एडोबी एक्सप्रेस प्रीमियम नि:शुल्क उपलब्ध कराया
    January 29, 2026
    गणतंत्र दिवस के लंबे अवकाश को और भी मनोरंजक बनाये
    January 18, 2026
    शारीरिक और न्यूरोलॉजिकल कठिनाइयों से जूझ रहे बच्चों के लिए वरदान है डायनेमिक मूवमेंट इंटरवेंश्न थेरेपी
    January 18, 2026

    Subscribe to Updates

    Stay in the know with Finance Khabar! Never miss a beat when it comes to the latest in finance, investing, and personal finance tips.

    Thank you for choosing Finance Khabar as your go-to resource for all things finance. We're here to help you achieve financial success!

    Facebook X (Twitter) Instagram
    Quick Links
    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Privacy Policy
    • Term And Conditions
    Copyright © 2026 FINANCE KHABAR. All Rights Reserved

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.