नई दिल्ली: कोरोना वायरस से देश की अर्थव्यवस्था को कम से कम नुकसान पहुंचे इसके लिए सरकार की तरफ से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। गुरुवार को पीएम मोदी ने अपने संबोधन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में कोविड-19 इकनॉमिक रिस्पॉन्स टास्क फोर्स की बात की थी। आज वित्त मंत्री ने संबंधित विभागों के आला अधिकारियों के साथ बैठक की और कोरोना से होने वाले नुकसान का आकलन किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि पर्यटन, विमानन, पशुपालन, एमएसएमई पर कोरोना वायरस महामारी के पड़ रहे प्रभाव का संबंधित मंत्रालयों के साथ आकलन किया। नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक में वित्त सचिव, MSME मंत्रालय के सचिव और वित्त मंत्रालय के सचिव शामिल हुए थे। पर्यटन उद्योग के बारे में चर्चा के लिए पर्यटन राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल भी इस बैठक में शामिल हुए थे।
जानकारी के मुताबिक सरकार सूक्ष्म (माइक्रो), लघु एवं मझोले उद्यमों (MSMEs) को कर्ज भुगतान में राहत देने पर विचार कर रही है। इसमें कर्ज और अन्य देनदारी का देर से भुगतान करने की अनुमति देना शामिल है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के बाद एक अधिकारी ने कहा, ‘हमने फाइनैंशल सपॉर्ट समेत विभिन्न उपायों पर चर्चा की… चीजों को आसान बनाने के लिये कर्ज भुगतान की अवधि बढ़ाया जाना जैसा इसमें कुछ हो सकता है। जीएसटी से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।’

