अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद gold का आकर्षण कम होता जा रहा है और इसकी कीमतों में गिरावट आ रही है। चुनाव के दिन से चार दिनों में सोने की कीमतों में 4 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है, जबकि व्यापक अमेरिकी शेयर बाजार में करीब चार फीसदी की तेजी आई है। यह तब है जब निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि व्हाइट हाउस कर की दरों में कमी करेगा और शुल्क बढ़ाएगा। हालाँकि इस साल ज्यादातर समय सोने की कीमतों में उछाल ही रहा. लेकिनअब सोने ने साल के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले निवेश के रूप में अपनी चमक खो दी है।
वैश्विक बाजार में सोने का भाव सोमवार देर रात तक 2,618 डॉलर प्रति औंस पर था, जो पिछले महीने के अंत में करीब 2,800 डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे था। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार वैश्विक बाजारों में कमजोर मांग के बीच राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमतों में गुरुवार को एक बार फिर तेज गिरावट देखी गई। सोने का भाव 700 रुपये गिरकर 77,050 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। पिछले सत्र में 99.9 फीसदी शुद्धता वाला यह कीमती धातु 77,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव गिरकर 69,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस तरह सोना लंबे समय बाद 70 हजार के नीचे फिसला है।
चांदी भी 2,310 रुपये गिरकर 90,190 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई, जबकि पिछले सत्र में इसका भाव 92,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एनालिस्ट- कमोडिटी एंड करेंसी जतिन त्रिवेदी ने कहा कि सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटीज) सौमिल गांधी ने कहा, ‘चुनाव के बाद अमेरिकी डॉलर (यूएसडी) में तेजी जारी रही, जो नए साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा है।’

