Foreign portfolio investors यानि FPI ने 26 जुलाई तक भारतीय शेयर और डेट बाजार में 52,910 करोड़ रुपये का निवेश किया है। FPI पिछले कुछ महीनों से भारतीय शेयर बाजार में लगातार खरीदार बने हुए हैं। हाल ही में जारी केंद्रीय बजट 2024-25 में इक्विटी बाजार में स्थिरता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL ) के आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत (26 जुलाई तक) से FPI ने इक्विटी में 33,688 करोड़ रुपये और डेट में 19,222 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
इस साल की शुरुआत से FPI ने इक्विटी में 36,888 करोड़ रुपये और डेट में 87,846 करोड़ रुपये का निवेश किया है। विश्लेषकों का कहना है कि खुदरा निवेशक लगातार भारतीय शेयरों में खरीदारी कर रहे हैं। वहीं, विदेशी निवेशक भी अब वापस लौटे हैं, जिससे शेयर बाजार में सेंटीमेंट सकारात्मक बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार ने बजट में अप्रत्यक्ष करों के नियमों को सरल बनाया है। बजट में शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स (STCG) को 15 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया गया है. वहीं LTCG को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया गया है.
पैंटोमैथ कैपिटल एडवाइजर्स ने कहा कि कैपिटल गेन टैक्स बढ़ाने से शॉर्ट टर्म में बाजार पर असर पड़ सकता है, लेकिन लॉन्ग टर्म में इनफ्लो पर इसका कोई असर नहीं होगा. बजट में infrastructure के लिए 11.11 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे इकॉनमी को बड़ी तेजी मिलेगी. भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली economy है. वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 8.2 फीसदी रही.

