नई दिल्ली: विदेशी निवेशकों ने कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के बीच लगातार दूसरे महीने अधिक बिकवाली करते हुए महीने मई में अब तक भारतीय बाजारों से 1,730 करोड़ रुपये की पूंजी की शुद्ध निकासी की. डिपॉजिटरी कंपनियों के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने 1 से 28 मई के दौरान शेयर बाजार से 3,375.2 करोड़ रुपये की निकासी की और बॉन्ड बाजार में 1,645.8 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया.
हालांकि, मार्निंग स्टार इंडिया के सह निदेशक (प्रबंधक अनुसंधान) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय बाजारों में लगातार आठ हफ्तों तक काफी ऊंची बिकवाली के बाद पिछले दो हफ्तों से विदेशी निवेशकों के निवेश में फिर एक स्थिरता लौटने के संकेत दिख रहे हैं. कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड के कार्यकारी उपाध्यक्ष (इक्विटी तकनीकी शोध) श्रीकांत चौहान ने कहा कि ज्यादातर एशियाई बाजारों में इस महीने विदेशी निवेशकों का झुकाव निकासी की ओर देखा गया है.
उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजारों में मई में एफपीआई निवेश में अब तक क्रमश : 8.5 अरब डॉलर और 3.13 अरब डॉलर का निकासी दर्ज की गई है. वही, इंडोनेशिया में महीने में अबतक 10.3 करोड़ डॉलर का शुद्ध प्रवाह देखा गया. हालांकि, मुद्रास्फीति और कर्ज में बढोतरी की चिंताओं ने उभरते बाजारों में दबाव का रुख है. उन्होंने कहा कि भारत में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी कुल मिलाकर स्थिति में सुधार के संकेत है. वहीं, अर्थव्यवस्था पर महामारी की दूसरी लहर के किसी भी गंभीर प्रभाव की चिंताओं को दूर होने से विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजार पर अपना विश्वास वापस पाने में मदद मिलेगी.

