नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि सुधारों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को विदेशी निवेशक गंभीरता से ले रहे हैं और कोविड-19 के दौरान देश में आया विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) इस बात का प्रमाण है। अप्रैल से जुलाई के दौरान देश में 20 अरब डॉलर का निवेश आया।
सीतारमन ने कहा, ‘सुधारों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को विदेशों में निवेशक गंभीरता से ले रहे हैं और वे भारत को निवेश के लिए अच्छी जगह मानते हैं। अगर ऐसा नहीं होता तो कोरोना वायरस महामारी के दौरान देश में इतना एफडीआई नहीं आता। यह स्थिति तब है जबकि हमारे कई आलोचकों का कहना है कि भारत में सबसे सख्त लॉकडाउन लगाया गया था।’

