नई दिल्ली: चालू वित्त वर्ष 2021-21 में जनवरी के अंत तक केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा 12.34 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया. यह संशोधित बजट आकलन का करीब 66.8 फीसदी है. पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में जनवरी के अंत तक राजकोषीय घाटा रिवाइज्ड एस्टीमेट्स के 128.5 फीसदी के बराबर पहुंच गया था. यह आंकड़ा कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट्स (सीजीए) ने जारी किया. सीजीए द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के अंत 31 मार्च 2021 तक राजकोषीय घाटा जीडीपी के 9.5 फीसदी करीब 18.48 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. सीजीए के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में जनवरी के अंत तक बजट घाटा 12,34,004 करोड़ रुपये का रहा.
पिछले साल कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश भर में लॉकडाउन लगाया गया था. इसके चलते कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुई और इसका असर रेवेन्यू पर भी दिखा. चालू वित्त वर्ष के लिए एक्सपेंडिचर और राजस्व के बीच का फर्क या बजट घाटे के लिए जो सालाना लक्ष्य निर्धारित किया गया था, वह पिछले साल जुलाई 2020 में ही पार हो गया था. सरकार को जनवरी 2021 तक 12.83 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए जो रिवाइज्ड एस्टीमेट का करीब 80 फीसदी है. इसमें 11.01 लाख करोड़ का टैक्स रेवेन्यू है.
2020-21 में रिवाइज्ड एस्टीमेट का 82 फीसदी टैक्स रेवेन्यू कलेक्शन हुआ जबकि पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में समान अवधि में रिवाइज्ड एस्टीमेट का 66.3 फीसदी टैक्स रेवेव्यू कलेक्शन हुआ था. नॉन-टैक्स रेवेन्यू की बात करें तो यह रिवाइज्ड एस्टीमेट के 67 फीसदी के बराबर रहा जबकि पिछले वित्त वर्ष में समान अवधि में यह आंकड़ा 73 फीसदी था. सीजीए डेटा के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में जनवरी 2021 तक कुल खर्च 25.17 लाख करोड़ रहा जो रिवाइज्ड एस्टीमेट का 73 फीसदी है. पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 84.1 फीसदी था.

