नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत में कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए 12 मई 2020 को 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक और व्यापक पैकेज की घोषणा की थी. कहा गया था कि यह पैकेज भारत की GDP के 10% के बराबर है. इतने बड़े पैकेज का पैसा कहां और कैसे खर्च होगा, इसकी डिटेल की मांग काफी पहले से हो रही है. अब वित्त मंत्रालय ने इसका एक लेखाजोखा पेश किया है. वित्त और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालयों ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत आर्थिक पैकेज से संबंधित घोषणाओं को तुरंत लागू करना शुरू कर दिया था. मंत्रालयों द्वारा आत्मनिर्भर भारत पैकेज की मौजूदा योजनाओं के कार्यान्वयन में अब तक हुई प्रगति इस तरह है…
- नाबार्ड के जरिए किसानों के लिए 30,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आपातकालीन कार्यशील पूंजी राशि: जारी बयान के मुताबिक 28 अगस्त 2020 तक 25,000 करोड़ रुपये का वितरण किया गया है. विशेष लिक्विडिटी सुविधा (एसएलएफ) के तहत 5000 करोड़ रुपये की शेष राशि छोटी एनबीएफसी और एनबीएफसी-एमएफआई के लिए आरबीआई द्वारा नाबार्ड को आवंटित की गई. नाबार्ड इसे शीघ्र ही शुरू करने के लिए परिचालन संबंधी दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप दे रहा है. इसके अलावा नाबार्ड ने दो एजेंसियों एवं बैंकों के साथ मिलकर ‘संरचित वित्त और आंशिक गारंटी योजना’ भी शुरू की है, ताकि ऋणदाताओं से कर्ज प्राप्त करने में बिना रेटिंग वाली एनबीएफसी/एमएफआई की मदद की जा सके.
- MSME और व्यक्तियों को नए सिरे से कर्ज देने के लिए NBFC, HFC और MFI के लिए 45,000 करोड़ रुपये की आंशिक ऋण गारंटी योजना 2.0: वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक 28 अगस्त 2020 तक बैंकों ने 25,055.5 करोड़ रुपये के पोर्टफोलियो की खरीद को मंजूरी दे दी है और वे वर्तमान में अतिरिक्त 4,367 करोड़ रुपये के लिए अनुमोदन/बातचीत की प्रक्रिया में हैं.
- एनबीएफसी/एचएफसी/एमएफआई के लिए 30,000 करोड़ रुपये की स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम ने भी अच्छी प्रगति की है. योजना को लागू करने के लिए एसबीआईकैप को एक एसपीवी स्थापित करने का जिम्मा सौंपा गया था. यह योजना 1 जुलाई, 2020 को जारी की गई एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से शुरू की गई थी. उसी दिन नियामक आरबीआई ने भी इस योजना पर एनबीएफसी और एचएफसी को एक सर्कुलर जारी कर दिया था.
- MSME सहित कारोबारियों के लिए 3 लाख करोड़ रुपये का गारंटी-मुक्त Automatic लोन: व्यवसाय को राहत देने के लिए 29 फरवरी 2020 तक बकाया ऋण के 20% के बराबर अतिरिक्त कार्यशील पूंजी वित्त रियायती ब्याज दर पर सावधि ऋण के रूप में प्रदान किया जाएगा. यह 25 करोड़ रुपये तक के बकाया ऋण और 100 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाली उन इकाइयों के लिए उपलब्ध होगा, जिनके खाते स्टैंडर्ड हैं. इन इकाइयों को स्वयं की ओर से कोई गारंटी या जमानत प्रदान नहीं करनी होगी. इस राशि पर 100% गारंटी भारत सरकार द्वारा दी जाएगी जो 45 लाख से भी अधिक एमएसएमई को 3 लाख करोड़ रुपये की कुल लिक्विडिटी प्रदान करेगी.
- आयकर रिफंड: 1 अप्रैल 2020 से लेकर 8 सितंबर 2020 तक की अवधि के बीच 27.55 लाख से ज्यादा करदाताओं को 1,01,308 करोड़ रुपये से भी अधिक के रिफंड जारी किए गए हैं. 25,83,507 मामलों में 30,768 करोड़ रुपये के आयकर रिफंड जारी किए गए हैं और 1,71,155 मामलों में 70,540 करोड़ रुपये के कॉरपोरेट टैक्स रिफंड जारी किए गए हैं. दरअसल उन समस्त मामलों में 50 करोड़ रुपये तक के सभी कॉरपोरेट टैक्स रिफंड जारी कर दिए गए हैं, जहां भी देय थे. अन्य रिफंड प्रक्रियाधीन हैं.

