State Bank of India में आपका खाता है और आपने इसमें फिक्सड डिपॉजिट (FD) कराया है तो ये खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. क्योंकि आपको एफडी पर मिलने वाले मुनाफा घट सकता है. इसके लिए आपको फॉर्म 15G/H जमा जरूर करना होगा. आपको बता दें कि आपकी FD के मुनाफे पर बैंक टैक्स यानी TDS काटता है. इसकी कटौती तभी होती है जब एफडी और बचत खाते से सालाना 50,000 रुपये से अधिक का ब्याज मिलता है. SBI ने अब अपने ग्राहकों को यह सुविधा दी है कि आप टैक्स कटौती से बचने के लिए घर बैठे फॉर्म 15G/15H जमा कर सकते हैं.
आइए जानते हैं क्या है फॉर्म 15G/H
क्या है नियम- अगर आसान शब्दों में कहें तो मतलब साफ है कि किसी वित्त वर्ष में मिलने वाला ब्याज एक निश्चित सीमा से ज्यादा हो तो बैंक ब्याज की उस रकम पर टीडीएस काटते है. इससे पहले वित्त वर्ष यानी साल 2018-19 के लिए यह सीमा 10,000 रुपये थी और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह 50,000 रुपये थी. मौजूदा वित्त वर्ष 2019-20 के लिए यह सीमा 40,000 रुपये और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50,000 रुपये है.
फॉर्म 15G/H क्यों जमा करना होता है
अगर आपकी कुल आमदनी और बैंक से मिलने वाले ब्याज की आमदनी मिलकर इनकम टैक्स की बेसिक छूट की सीमा के अंदर है तो आप फॉर्म 15G/H जमा कर इस बात की घोषणा करते हैं. फार्म 15G/H बैंक में जमा कर आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि बैंक की तरफ से आपको दिए गए ब्याज पर कोई कर दायित्व नहीं है और आपके रिटर्न से कर कटौती नहीं की जानी चाहिए.
ध्यान देने वाली बात
सबसे पहले आपको यह चेक करना है कि आप फॉर्म 15G/H भरने के एलिजेबल हैं या नहीं. इसका मतलब यह है कि अगर किसी वित्त वर्ष में सभी स्रोत से आपकी आय पर कर देनदारी बनती है तो आप पात्र नहीं हैं.बैंक में एफडी करने पर ब्याज पर टैक्स कटता है.

