नई दिल्ली। देश में एक तरफ लोगों की आय का कुछ खास साधन नहीं है दूसरी तरफ महंगाई अपनी रफ्तार पकड रही है। मंदी एवं महंगाई के चलते आम आदमी का जीवन यापन करना भी दूभर हो गया है इसी के साथ-साथ विकास की दरों में भारी गिरावट देखने को मिली है। जानकारी के मुताबिक पता चला है कि जीडीपी में 0.8 फीसदी गिरावट आई है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने इन आंकड़ों को जारी करते हुए कहा कि पिछले वर्ष जीडीपी 8 फीसदी के पार थी लेकिन अब वह घटकर 5 फीसदी रह गई है।
जीडीपी में आई गिरावट से कर्मचारियों पर संकट
बताते चलें कि जीडीपी में आई गिरावट की वजह से कम्पनों ने अपने कर्मचारियों को अपनी कम्पनी से निकाल दिया है जिसके कारण कर्मचारियों के जीवन पर संकट मंडरा रहा है उनका रोजगार उनसे छिन गया है आरै अब वो रोजगार की तलाश में दर-दर भटक् रहे हैं।
गिरावट के आंकडे
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ 12.1 फीसदी से 0.6 फीसदी
- कृषि क्षेत्र में ग्रोथ 5.1 फीसदी से घटकर के 2 फीसदी
- खनन क्षेत्र में ग्रोथ 0.4 फीसदी से 2.7 फीसदी
- कंस्ट्रक्शन सेक्टर में ग्रोथ 9.6 फीसदी से 5.7 फीसदी
- होटल, ट्रांस्पोर्ट और ट्रेड सेक्टर में ग्रोथ 7.8 फीसदी से 7.1 फीसदी
- वित्तीय, रियल एस्टेट सेक्टर में ग्रोथ 6.5 फीसदी से 5.9 फीसदी
- मरहम पट्टी वाले तरीकों से नहीं होगा काम
जीडीपी में आई गिरावट को देखते हुए कई एजेंसियों का कहना है कि सरकार द्वारा मरहमपट्टी वाले तरीकों से अर्थव्यवस्था को किसी तरह का कोई लाभ नहीं पहुंचेगा। एजेंसी का यह भी कहना सरकार को मंदी से उबरने के लिए आरबीआई से मिलने 1.76 लाख करोड़ रुपये के पैकेज से ज्यादा लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि एजेंसी को उम्मीद है कि चालू खाता घाटा 3.3 फीसदी रहेगा।

