सप्ताह का पहला कारोबारी दिन शेयर बाजार के निवेशकों के लिए तूफान लेकर आया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में भारी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिका में मंदी की आशंका के चलते आज दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजारों पर भी पड़ा। वहीं, मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ने से इस गिरावट में और इजाफा हुआ। आज की गिरावट में निवेशकों को 17 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 2222 अंकों की गिरावट के साथ 78,759 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह न्यूनतम 78,295 अंकों तक नीचे चला गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी 662 अंकों की गिरावट के साथ 24,055 पर बंद हुआ। यह आज न्यूनतम 23,893 अंकों तक नीचे चला गया।
बाजार के जानकारों के मुताबिक यह बिकवाली अल्पकालिक अस्थिरता है। लंबी अवधि के लिए भारतीय शेयरों में खतरे का कोई संकेत नहीं है। जो निवेशक इक्विटी बाजार में निवेश करना चाह रहे हैं, वे इस अस्थिर बाजार में धीमी गति से प्रवेश कर सकते हैं।” अमेरिकी शेयर सूचकांक नैस्डैक और एसएंडपी 2 कारोबारी दिनों में अब तक 3.2 फीसदी गिर चुके हैं। अमेरिका में रोजगार सृजन में गिरावट और अमेरिका में बेरोजगारी दर में तेजी से वृद्धि जैसे कई आंकड़ों ने अमेरिका में मंदी को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
आज कई क्षेत्रीय इक्विटी सूचकांकों में भारी गिरावट आई है। जापान, ताइवान और कोरिया के शेयर बाजारों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। इन सभी देशों के शेयर सूचकांक 7 फीसदी से ज्यादा गिरे। एमएससीआई एशिया पैसिफिक इंडेक्स में भी 4.3 फीसदी की गिरावट आई।

