मुंबई: इंश्योरेंस कंपनियों में हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की मांग तेजी से बढ़ी है। खतरनाक कोरोना वायरस फैलने के कारण ऐसा हुआ है। चीन से फैले इस वायरस की चपेट में अब तक 80,000 से अधिक लोग आ चुके हैं। जयपुर में बुधवार को इससे जुड़े 22 नए मामले सामने आए। गुड़गांव में भी एक नया मामला सामने आया। इसी के साथ देश में कोरोना वायरस के मरीजों की कुल संख्या 29 पहुंच गई।
कुछ बीमा कंपनियों का कहना है कि नई पॉलिसीज की पूछताछ 30-40 पर्सेंट बढ़ी है। दिल्ली में रविवार को कोरोना वायरस के नए मामले सामने आने के बाद से ऐसा हुआ है। इंडस्ट्री का कहना है कि इसके चलते नई स्कीमों की कीमतों पर तुरंत असर नहीं पड़ेगा क्योंकि जोखिम से जुड़ी इंडस्ट्री पुराने डेटा के आधार पर फैसले लेती है। हालांकि, अगर देश में वायरस का प्रकोप चीन के स्तर पर पहुंचा तो कई हेल्थ और ट्रैवल इंश्योरेंस कंपनियों का बिजनस हिट हो सकता है।
पॉलिसी बाजार के बिजनस हेड (हेल्थ इंश्योरेंस) अमित छाबड़ा ने बताया, ‘बीते कुछ दिनों में हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीज के लिए ग्राहकों की ओर से पूछताछ करीब 30-40 पर्सेंट बढ़ी है। एक स्टैंडर्ड पॉलिसी में अस्पताल में भर्ती होने के बाद के सभी खर्च कवर हो जाएंगे। उसके पहले के खर्च, जैसे कि चेकअप आदि का भार कुछ समय के लिए सरकार उठाने वाली है।’
SBI जनरल इंश्योरेंस के हेड (मार्केट अंडरराइटिंग ऑपरेशन) पंकज वर्मा ने बताया, ‘जब कभी वैश्विक किसी बीमारी का प्रकोप बढ़ता है, हमने देखा है कि लोगों के बीच खुद को कवर कराने की होड़ लग जाती है। ऐसा ही कोरोना के नए मामले सामने आने के बाद हुआ है। इंश्योरेंस कंपनी के तौर पर हम मौजूदा हालात में दो तरीकों से तैयारी कर रहे हैं: उन जगहों का पता लगाना जहां प्रकोप सबसे ज्यादा फैला है और इससे बचने के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा सकते हैं।’

