नई दिल्ली: व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने व्हाट्सऐप (WhatsApp) की नई प्राइवेसी पॉलिसी के खिलाफ शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. कैट ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह व्हाट्सऐप को अपनी इस नई पॉलिसी को वापस लेने का निर्देश दे. कैट ने अपनी याचिका में कहा है कि व्हाट्सऐप की प्रस्तावित प्राइवेसी पॉलिसी संविधान द्वारा दिए गए नागरिकों के विभिन्न मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.
कैट ने यह भी कहा है कि व्हाट्सऐप जैसी बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों को संचालित करने के लिए केंद्र सरकार को दिशा-निर्देश तैयार करने चाहिए और ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जो नागरिकों और कारोबारों की गोपनीयता की रक्षा करें. याचिका में खास तौर पर यूरोपीय संघ के देशों और भारत में व्हाट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी में अंतर का हवाला देते हुए कहा गया है कि भारतीय यूजर्स के डेटा का इस तरह की बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों द्वारा दुरुपयोग कैसे किया जा सकता है.
इस बीच नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर आलोचनाओं के घेरे में आई व्हाट्सऐप ने अपने नीतिगत बदलावों को 15 मई तक टालने का एलान किया है. फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सऐप ने कुछ समय पहले अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव किया था और इसे 8 फरवरी 2021 से लागू किया जाना था. हालांकि इस नई प्राइवेसी पॉलिसी के कारण लाखों लोगों ने व्हाट्सऐप छोड़कर सिग्नल या टेलीग्राम अपना लिया. दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने ट्वीट कर सिग्नल अपनाने को कहा है.

