केंद्रीय कैबिनेट ने 7 फरवरी को 2022-23 से 2025-26 तक 8,800 करोड़ रुपये के ओवरले परिव्यय के साथ 2026 तक केंद्रीय क्षेत्र योजना ‘स्किल इंडिया प्रोग्राम’ को जारी रखने और पुनर्गठन को मंजूरी दे दी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए कहा कि यह मंजूरी देश भर में मांग-संचालित, प्रौद्योगिकी-सक्षम और उद्योग-संरेखित प्रशिक्षण को एकीकृत करके एक कुशल, भविष्य के लिए तैयार कार्यबल बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 (पीएमकेवीवाई 4.0), प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना (पीएम-एनएपीएस) और जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) योजना – तीन प्रमुख घटक, अब स्किल इंडिया प्रोग्राम की समग्र केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत संयुक्त हैं।” मंत्री ने आगे कहा, “इन पहलों का उद्देश्य संरचित कौशल विकास, कार्यस्थल पर प्रशिक्षण और समुदाय आधारित शिक्षा प्रदान करना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हाशिए पर पड़े समुदायों सहित शहरी और ग्रामीण दोनों आबादी को उच्च गुणवत्ता वाली व्यावसायिक शिक्षा तक पहुंच प्राप्त हो सके।”

