नई दिल्ली: कोरोना संकट के बीच क्रिप्टोकरंसी की मांग फिर से बढ़ने लगी है जिसके कारण कीमत में तेजी आ रही है। 2008 की फाइनैंशल क्राइसिस के बाद वर्चुअल करंसी की शुरुआत हुई थी। पिछले कुछ महीनों में बिटकॉइन, इथेरम और रिपल्स जैसे डिजिटल करंसी की कीमत में काफी तेजी आई है।
लॉकडाउन के दौरान बड़े पैमाने पर निवेशकों ने क्रिप्टोकरंसी में निवेश किया है। मार्च 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने रिजर्व बैंक के उस बैन को हटाने का आदेश दिया था जिसके कारण क्रिप्टो एक्सचेंज और क्रोप्टो ट्रेडर्स पर रोक लगाई गई थी।
क्रिप्टोकरंसी में तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले छह सप्ताह में बिटकॉइन में 80 फीसदी का उछाल आया है। इस फील्ड से जुड़े लोगों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज जैसे WazirX और Zebpay पर यूजर्स की संख्या में काफी उछाल आया है।

