नई दिल्ली। व्यापक डॉलर की मजबूती और कमजोर आर्थिक आंकड़ों के बीच भारतीय रुपया आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेजी से गिर गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया आज दो महीने के निचले स्तर 72.08 पर बंद हुआ, जबकि यह पिछले बंद भाव 71.46 था। कमजोर घरेलू इक्विटी बाजारों ने भी रुपये को नुकसान पहुंचाया। दिन के दौरान, रुपया 71.77 पर खुलने के बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 71.65-72.09 की सीमा में कारोबार किया। 4 सितंबर के बाद रुपये के लिए यह सबसे कम समापन स्तर है।
सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, फैक्ट्री आउटपुट सितंबर में 4.3% पर बंद हुआ, लगभग आठ साल में सबसे खराब प्रदर्शन रहा। फॉरेक्स एडवाइजरी फर्म IFA ग्लोबल का कहना है कि 29 नवंबर को रिलीज के लिए मंदी की वजह से सकल घरेलू उत्पाद का आधार सकल घरेलू उत्पाद 4.8-5.2% था।
कोटियन सिक्योरिटीज के श्रीकांत चौहान ने कहा, “भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 72 के स्तर को पार कर गया। यह मुख्य रूप से कमजोर आर्थिक दृष्टिकोण के कारण था। लगातार दूसरे महीने औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े आर्थिक गतिविधियों में गहरी गिरावट की ओर इशारा करते हैं।”
कमजोर रुपए और फैक्ट्री आउटपुट डेटा में गिरावट से सेंसेक्स आज 200 अंक से अधिक गिर गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के हेड पीसीजी एंड कैपिटल मार्केट्स स्ट्रैटेजी वी के शर्मा ने कहा, ‘इंडस्ट्रियल एक्टिविटी में कॉन्ट्रैक्ट में तीसरे दिन भारतीय रुपया गिरा।
इसमें कहा गया है कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच, रुपया दबाव में रह सकता है और इसके उभरते बाजार के साथियों के कमजोर पड़ने की संभावना है।

