नई दिल्ली: कोरोना महामारी के चलते न सिर्फ वित्तीय बाजारों में दिक्कत हुई है, बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां भी गई हैं. लॉकडाउन के चलते काम धंधे बंद होने से रोजगार पर बड़ा असर पड़ा है. इसी को देखते हुए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने बड़ा फैसला लेते हुए नियमों में बदलाव किया है. इस फैसले के मुताबिक नौकरी जाने पर कर्मचारियों को औसत सैलरी का 50 फीसदी 3 महीने तक दिया जाएगा. इसे नौकरी गंवाने वालों को बेरोजगारी भत्ता के रूप में मिलेगा. पहले यह लिमिट 25 फीसदी थी.
ESIC के नए नियम के अनुसार यह लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा, जिनकी नौकरी 24 मार्च ये 31 दिसंबर 2020 के दौरान जाती है. बता दें कि 24 मार्च से ही देशभर में लॉकडाउन का एलान किया गया था. वहीं अनलॉक खुलने के बाद भी इसका असर अभी देखने को मिल रहा है. ऐसा माना जा रहा है कि उद्योग धंधों में काम पटरी पर लौटने में दिसंबर तक का समय लग सकता है. इसी वजह से अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना की मियाद 30 जून 2021 तक के लिए बढ़ा दी गई है. इसी योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता मिलता है. ESIC ही इसका संचालन करता है.
बीमित व्यक्ति पूरे जीवन में अधिकतम 90 दिन के लिए इस स्कीम के अंतर्गत फायदा ले सकता है. इसके लिए 2 साल का बीमित रोजगार और निर्धारित 78 दिन का योगदान आवश्यक है. यानी बेरोजगारी के पहले अंशदान की अवधि में कम से कम 78 दिनों का अंशदान किया गया होना जरूरी है. इस स्कीम के तहत राहत के लिए क्लेम बेरोजगार होने के तीन महीने बाद देय होगा.
पहले बेरोजगार होने के 90 दिनों के बाद इसका फायदा उठाया जा सकता था. फिलहाल के लिए इसे घटाकर 30 दिन कर दिया गया है. ईएसआई बोर्ड के सदस्य वी राधाकृष्ण का कहना है कि इससे करीब 35 लाख वर्कर्स को फायदा मिलेगा.

