नयी दिल्ली। वित्त मंत्री ने 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज पर अपनी तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में 10000 करोड़ रुपये की एक खास योजना का ऐलान किया है। ये 10000 करोड़ रुपये की योजना माइक्रो फूड एंटरप्राइजेज (एमएफई) के औपचारिकरण के लिए है। ये योजना पीएम नरेंद्र मोदी के ‘Vocal for Local’ को बढ़ावा देगी। असंगठित एमएफई इकाइयों को एफएसएसएआई के फूड मानकों को पूरा करने, ब्रांड बनाने और मार्केटिंग के लिए टेक्निकल अपग्रेडेशन की जरूरत है। इस योजना से एमएफआई ऐसा कर पाने में सक्षम बनेंगी। योजना के जरिए इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए 2 लाख एमएफई की मदद की जाएगी।
इस योजना के जरिए मौजूदा एफएमई के साथ ही किसान उत्पादन संगठन, सेल्फ हेल्प ग्रुप (एसएचजी) और कॉओपरेटिव को भी मदद दी जाएगी। इस योजना से अन्य फायदे होंगे उनमें हेल्थ और सेफ्टी स्टैंडर्ड में सुधार, रिटेल मार्केट के साथ एमएफई का एकीकरण और उनकी इनकम में बढ़ोतरी शामिल है। साथ ही उन निर्यात बाजारों तक इकाइयों की पहुंच बनेगी जिनमें अभी निर्यात नहीं किया जाता। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने मछुआरों के लिए 20000 करोड़ रुपये की सहायता का भी ऐलान किया है।
किसानों के लिए उठाए गए अन्य बड़े कदम :
- लॉकडाउन के दौरान रबी की फसल की कटाई के उपाय किए गए
- कुछ राज्यों ने सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है
- फसल बीमा योजना से किसानों को लाभ दिया
- पिछले 2 महीनों में किसानों को सहारा देने के लिए कई कदम उठाए
- 2 महीनों में 6400 करोड़ रुपये का फसल बीमा भुगतान
- लॉकजाउन में 74300 करोड़ रु के कृषि उत्पाद खरीदे

