घर बनाने का सपना पूरी करने के लिए बड़ी संख्या में लोग बचत करने के साथ-साथ होम लोन का भी सहारा लेते हैं लेकिन होम लोन लेते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि भविष्य में होम लोन चुकाने में आपको किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस समय बाजार में होम लोन के कई विकल्प उपलब्ध हैं। घर खरीदते समय रिसर्च करें कि कौन सा बैंक या एनबीएफसी आपको सबसे सस्ता होम लोन दे रहा है। इसके साथ ही लोन लौटाने के नियम और शर्तों के बारे में जानना भी बहुत जरूरी है, ताकि आपको लोन लौटाने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बता दें कि बैंकों द्वारा होम लोन फ्लोटिंग और फिक्स्ड, दो तरह की ब्याज दरों पर दिया जाता है। फ्लोटिंग ब्याज दर में होम लोन की ब्याज दर आरबीआई द्वारा निर्धारित रेपो रेट के आधार पर तय की जाती है। अगर इसमें कमी आती है तो होम लोन की ब्याज दर कम हो जाती है. वहीं, अगर यह बढ़ता है तो घर पर ब्याज दर बढ़ जाती है। वहीं फिक्स्ड ब्याज दर में होम लोन का ब्याज पूरी अवधि में एक समान रहता है और इसमें कोई बदलाव नहीं देखा जाता है।
घर के लिए क़र्ज़ लेते समय आपको अपनी आय को भी देखना बहुत जरूरी है। आपको होम लोन हमेशा अपनी सैलरी के अनुसार ही लेना चाहिए। आमतौर पर माना जाता है कि आपकी ईएमआई कभी भी आपकी आय के 50 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. आज के समय में होम लोन हमेशा ओवरड्राफ्ट सुविधा के साथ लेना चाहिए। इसका फायदा यह होगा कि जब भी आपके पास अतिरिक्त पैसा होगा. आप अतिरिक्त भुगतान करके आसानी से अपनी ईएमआई कम कर सकते हैं।

