टाटा समूह के नेतृत्व वाली एयर इंडिया के साथ विस्तारा एयरलाइन के विलय पर ताजा अपडेट सामने आया है। विस्तारा के CEO विनोद कन्नन ने सोमवार को कहा कि दोनों एयरलाइंस के बीच प्रस्तावित विलय के संबंध में सभी कानूनी मंजूरी 2024 की पहली छमाही तक मिल सकती है। बता दें कि नवंबर 2022 में विस्तारा ने एयर इंडिया के साथ एक डील के तहत टाटा समूह में विलय की घोषणा की थी। ।
दो एयरलाइंस के विलय के इस सौदे के तहत सिंगापुर एयरलाइंस भी एयर इंडिया में 25.1 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी. Vistara CEO कन्नन ने कहा कि विलय के लिए कानूनी मंजूरी 2024 के मध्य तक मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही परिचालन विलय अगले साल की शुरुआत या मध्य तक पूरा होने की उम्मीद है। कन्नन ने यह भी कहा कि मार्च में समाप्त होने वाली मौजूदा तिमाही में सभी प्रतिस्पर्धा मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
पिछले साल 1 सितंबर को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने प्रस्तावित विलय को मंजूरी दे दी थी। फिलहाल विस्तारा के बेड़े में 67 विमान हैं। यह एयरलाइन टाटा और सिंगापुर एयरलाइंस का जॉइंट वेंचर है। विस्तारा और एयर इंडिया टाटा समूह की पूर्ण-सेवा एयरलाइंस हैं। विस्तारा में सिंगापुर एयरलाइंस की 49 फीसदी हिस्सेदारी है. टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड, एयर इंडिया लिमिटेड, टाटा एसआईए एयरलाइंस लिमिटेड और सिंगापुर एयरलाइंस लिमिटेड इस सौदे में पक्षकार बन गए हैं। विलय के बाद एयर इंडिया देश की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन और दूसरी सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन बन जाएगी। बता दें कि टाटा ग्रुप ने जनवरी 2022 में घाटे में चल रही एयर इंडिया को सरकार से हासिल कर लिया था। कंपनी लगातार एयरलाइन को मजबूत करने पर काम कर रही है। एयर इंडिया ने एयरबस और बोइंग को 470 विमानों की आपूर्ति के लिए 70 मिलियन डॉलर का ऑर्डर भी दिया है।

