नई दिल्ली: वित्तीय संकट से जूझ रही सरकारी विमान कंपनी Air India के सामने सिर्फ दो ही विकल्प बचे हैं, या तो इसे निजी हाथों में सौंप दिया जाए या इसे बंद कर दिया जाए. आज शुक्रवार 26 मार्च को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ये बातें कहीं.
पुरी के मुताबिक सरकार एयर इंडिया के विनिवेश को लेकर एक नई समय सीमा को लेकर विचार कर रही है और फाइनेंसियल बिड्स मंगाने पर विचार हो रहा है. एक समारोह में बोलते हुए मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर सिविल एविएशन पुरी ने जानकारी दी कि एयर इंडिया के विनिवेश की प्रक्रिया पूरी होने तक इसे चालू रखा जाएगा.
केंद्र सरकार ने सरकारी विमान कंपनी में अपनी पूरी 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दिया है. यह 2007 में तब से घाटे में चल रही है जब से इसमें इंडियन एयरलाइंस का विलय किया गया है. केंद्रीय राज्य मंत्री पुरी ने कहा कि एयर इंडिया इस समय कमाई कर रही है लेकिन इसके बावजूद इससे हर दिन सरकार को 20 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है.

