कोलकाता। बुधवार को बैंक यूनियनों ने 31 जनवरी और 1 फरवरी को दो दिनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया, इसके पीछे की वजह है भारतीय बैंकों के संघ (आईबीए) के साथ वेतन संशोधन पर बातचीत न हो पाना।
नौ ट्रेड यूनियनों का प्रतिनिधि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू ने कहा कि वे 11 से 13 मार्च तक तीन दिन की हड़ताल भी करेंगे। यूएफबीयू के राज्य संयोजक सिद्दार्थ खान ने बताया कि, एक अप्रैल से हमने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है।
खान ने कहा कि, यूएफबीयू कम से कम 15 फीसदी बढ़ोतरी की मांग कर रहा है, लेकिन आईबीए ने 12.25 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है। यह स्वीकार्य नहीं है, अंतिम वेतन पुनरीक्षण बैठक 13 जनवरी को आयोजित की गई थी।

