रियल एस्टेट को लगता है कि आज पेश हुआ आम बजट एक शानदार बजट है जो लंबे समय के बाद आया है। दिग्गज रियल्टी विशेषज्ञ राकेश यादव ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घर खरीदारों के हाथ में पैसा देने के लिए आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर 12 लाख रुपये करने की घोषणा की है। वहीं, मजदूर वर्ग के लिए मानक कटौती छूट की सीमा बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दी गई है। यानी मजदूर वर्ग की 12.75 लाख रुपये की सालाना आय टैक्स फ्री हो गई है। इससे आम लोगों की बचत बढ़ेगी। वह इस पैसे का इस्तेमाल घर और कार जैसे अपने बड़े सपनों को पूरा करने में करेंगे। इससे घरों की मांग बढ़ेगी। इसका फायदा भारतीय अर्थव्यवस्था को भी होगा।
बाजार में मांग बढ़ने से जीडीपी की रफ्तार तेज होगी। इतना ही नहीं बजट में नए ‘स्वामी’ फंड की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि हाउसिंग प्रोजेक्ट में एक लाख यूनिट को पूरा करने के लिए 15,000 करोड़ रुपये का नया ‘स्वामी’ फंड बनाया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य उन घर खरीदारों को राहत देना है, जिनका घर का कब्जा अटका हुआ है। यह एक बेहतरीन कदम है। इससे अटके प्रोजेक्ट को पूरा करने में मदद मिलेगी। इतना ही नहीं, घर के किराए पर टीडीएस छूट की सीमा 2.4 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दी गई है, जिसका फायदा मकान मालिक और किराएदार दोनों को होगा।
वहीं इस बजट में दो घरों के मालिकों को टैक्स में राहत देने की भी बात कही जा रही है। बजट में दी गई जानकारी के मुताबिक, अगर आपके पास दो सेल्फ ऑक्युपाइड घर या प्रॉपर्टी हैं तो अब इन दोनों प्रॉपर्टी की सालाना कीमत टैक्सेशन के हिसाब से जीरो मानी जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को बजट भाषण में घोषणा की है कि टैक्सपेयर्स बिना किसी शर्त के दो सेल्फ ऑक्युपाइड प्रॉपर्टी की सालाना कीमत जीरो मान सकते हैं। इसके अतिरिक्त, पूंजीगत व्यय के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये की ब्याज मुक्त ऋण राशि और प्रत्येक बुनियादी ढांचा मंत्रालय से तीन सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल (पीपीपी) प्रस्तावों की शुरूआत जैसी पहलों के माध्यम से रुकी हुई आवास परियोजनाओं के समाधान पर वित्त मंत्री का ध्यान सराहनीय है।

