चीनी स्मार्टफोन ब्रांड भारतीय बाजार में अपना दबदबा बनाए रखेंगे और 2025 में शिपमेंट का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा हासिल करेंगे, जो 2024 में 74 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है। विश्लेषकों के मुताबिक भारतीय स्मार्टफोन बाजार में मामूली वृद्धि का अनुभव होने की संभावना है, 2025 में शिपमेंट 160 मिलियन यूनिट को पार कर जाने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि चीनी ब्रांडों की 2025 की रणनीति ऑफ़लाइन उपस्थिति का विस्तार करने और मिड-रेंज और प्रीमियम सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित करने की है, जो उनके वॉल्यूम मार्केट शेयर को बनाए रखेगी और उनके मूल्य शेयर को मजबूत करेगी।
विश्लेषकों ने उल्लेख किया कि भारतीय स्मार्टफोन बाजार में समेकन पूरा हो चुका है, 2025 में कोई महत्वपूर्ण प्रवेश या निकास की उम्मीद नहीं है। 2024 तक लगभग 25 सक्रिय स्मार्टफोन ब्रांड बचे हैं, जो 2018 में लगभग 100 ब्रांडों से काफी कम है। यह बाजार में उपस्थिति बनाए रखने में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और चुनौतियों को दर्शाता है। एसर फरवरी में इंडकल टेक्नोलॉजीज के साथ लाइसेंसिंग डील के जरिए भारतीय स्मार्टफोन बाजार में फिर से प्रवेश करने की योजना बना रहा है। विश्लेषकों के मुताबिक नथिंग और मोटोरोला जैसे छोटे ब्रांडों ने 2024 में मजबूती हासिल की है और शीर्ष पांच खिलाड़ियों से बाजार हिस्सेदारी के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
भारतीय स्मार्टफ़ोन बाज़ार में कम एकल अंकों में वृद्धि होने की उम्मीद है, 2025 में शिपमेंट 160 मिलियन यूनिट से ज़्यादा होने का अनुमान है। हालाँकि, प्रीमियमाइज़ेशन की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण वैल्यू ग्रोथ वॉल्यूम ग्रोथ से ज़्यादा होने की संभावना है। यह बदलाव EMI स्कीम और ट्रेड-इन प्रोग्राम जैसे आक्रामक फाइनेंसिंग विकल्पों से प्रेरित है, जो प्रीमियम स्मार्टफ़ोन को व्यापक दर्शकों के लिए ज़्यादा किफ़ायती बनाते हैं। 2025 तक बाज़ार का मूल्य 50 बिलियन डॉलर से ज़्यादा होने की उम्मीद है, जिसमें साल-दर-साल 10 प्रतिशत की वृद्धि दर होगी।

