नई दिल्ली: सरकार ने शुक्रवार को ‘फेसलेस इनकम टैक्स अपील्स’ व्यवस्था की शुरुआत कर दी. इस व्यवस्था का मकसद देश के ईमानदार टैक्सपेयर्स को सम्मान देना और टैक्स कलेक्शन पारदर्शिता को प्रोत्साहित करना है. वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, ‘फेसलेस अपील्स’ के तहत सभी आयकर अपील का फेसलेस माहौल में फेसलेस (टैक्स अधिकारी के समक्ष करदाता की व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी नहीं) तरीके से निपटान किया जाएगा. हालांकि, इनमें गंभीर धोखाधड़ी, व्यापक टैक्स चोरी, संवेदनशील एवं तलाशी से जुड़े मामलों, अंतरराष्ट्रीय टैक्स और ब्लैकमनी अधिनियम से संबंधित अपील शामिल नहीं हैं. इसे प्रभावी बनाने के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया.
वित्त मंत्रालय के अनुसार, फेसलेस अपील से न केवल करदाताओं को काफी सहूलियत होगी, बल्कि निष्पक्ष एवं न्यायसंगत अपील आदेशों को भी सुनिश्चित किया जा सकेगा. इसके साथ ही आगे की मुकदमेबाजी भी कम हो जाएगी. नई प्रणाली इसके साथ ही आयकर विभाग के कामकाज में अधिक दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में भी काफी सहायक होगी.
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के आंकड़ों के अनुसार, आज की तारीख में विभाग में आयुक्त (अपील) के स्तर पर करीब 4.6 लाख अपील लंबित हैं. इनमें से लगभग 4.05 लाख अपील, यानी कुल अपीलों में से लगभग 88% अपील का निपटान फेसलेस अपील व्यवस्था के तहत किया जाएगा और आयुक्तों (अपील) की कुल वर्तमान संख्या के लगभग 85% का उपयोग फेसलेस अपील व्यवस्था के तहत मामलों के निपटारे के लिए किया जाएगा.

