ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में तेज़ी देखने को मिल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत के इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में साल-दर-साल 40.31 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 17,52,406 इकाई हो गई। एक रिपोर्ट के अनुसार, ईवी की बिक्री में वृद्धि का नेतृत्व दोपहिया और तिपहिया वाहनों ने किया, जिसने कुल बिक्री में 94 प्रतिशत का योगदान दिया, आईएएनएस ने बताया।
ईवी दोपहिया वाहनों की बिक्री साल-दर-साल 29 प्रतिशत बढ़कर 10,09,356 इकाई हो गई। इस श्रेणी ने कुल ईवी बिक्री में 57.60 प्रतिशत का योगदान दिया। ईवी तिपहिया वाहनों, जिसमें यात्री और मालवाहक वाहन शामिल हैं, की बिक्री साल-दर-साल 56 प्रतिशत बढ़कर 6,34,969 इकाई हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, कम परिचालन लागत, बढ़ती लॉजिस्टिक्स मांग और अंतिम-मील कनेक्टिविटी इस सेगमेंट में वृद्धि के प्रमुख कारण हैं।
वहीँ इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट की बिक्री में साल-दर-साल 82 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, वित्त वर्ष 24 में 99,085 यूनिट्स की बिक्री हुई। इलेक्ट्रिक बसों की बिक्री साल-दर-साल 85 फीसदी बढ़कर वित्त वर्ष 24 में 3,708 यूनिट्स हो गई। बता दें, मारुति सुजुकी, हुंडई, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स जैसी बड़ी कंपनियां विभिन्न सेगमेंट की मांग को पूरा करने के लिए नए ईवी मॉडल लाने की तैयारी कर रही हैं। कई उद्योग अनुमान कहते हैं कि 2030 तक भारत के वाहन बाजार में ईवी करीब 20 फीसदी तक पहुंच जाएंगे। उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक वाहन जल्द ही मुख्यधारा का हिस्सा बन जाएंगे।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बेचने वाली सबसे बड़ी कंपनी टाटा मोटर्स ने कुछ दिन पहले कहा था कि कंपनी का लक्ष्य 2026 तक अपने इलेक्ट्रिक मॉडलों की संख्या बढ़ाकर 10 करना है। मर्सिडीज-बेंज इंडिया भी साल 2024 में 12 नए उत्पाद लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इनमें से तीन नए बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) होंगे।

