मुंबई: कोरोना महामारी के कारण पूरी दुनिया में एविएशन इंडस्ट्री को बहुत बड़ा झटका लगा है। भारत में लॉकडाउन के पहले चरण की शुरुआत 25 मार्च को हुई थी और तीसरा चरण 17 मई को खत्म हो रहा है। इस दौरान हवाई सेवा पर पूरी तरह पाबंदी है। इस सेक्टर में लाखों लोगों की नौकरी पर खतरा है और कई एयरलाइन ने सैलरी में भारी कटौती की है। बहुत जल्द अगर एयरलाइन को राहत नहीं मिली तो बड़े पैमाने पर छंटनी होगी।
क्रिसिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप और उसके बाद लागू किए गए लॉकडाउन के चलते घरेलू विमानन उद्योग को चालू वित्त वर्ष के दौरान कमाई में 24,000-25,000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हो सकता है।
क्रिसिल इंफ्रास्ट्रक्चर अडवाइजरी के परिवहन एवं रसद के निदेशक और प्रैक्टिस लीडर जगन्नारायण पद्मनाभन ने कहा कि विमानन कंपनियां सबसे बुरी तरह प्रभावित होंगी और कुल हानि में इनकी हिस्सेदारी 70 प्रतिशत से अधिक (करीब 17,000 करोड़ रुपये) होगी। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डा परिचालकों को 5,000-5,500 करोड़ रुपये और हवाई अड्डे पर खुदरा विक्रताओं को 1,700-1,800 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।

