नई दिल्ली। आगामी 1 फरवरी को पेश किए जाने वाले आम बजट को लेकर वित्त मंत्रालय जोरों से कार्य कर रहा है। अर्थव्यवस्था को तेजी देने के लिए बजट में कई घोषणाएं किए जाने की उम्मीद की जा रही है। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार पुराने टैक्स विवादों को खत्म करने के लिए सरकार आगामी बजट में एक नई योजना ला सकती है। रिपोर्ट के अनुसार इस योजना से सरकार को राजकोषीय घाटा खत्म करने में भी मदद मिलेगी।
8 लाख करोड़ रुपए के पांच लाख विवाद पेंडिंग
पुराने टैक्स विवाद सरकार के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। टैक्स विवादों के लंबित रहने से एक ओर जहां राजस्व नहीं मिल रहा है वहीं सरकार को मुकदमेबाजी का सामना भी करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस समय पुराने टैक्स से जुड़े करीब 5 लाख विवाद पेंडिंग चल रहे हैं। इन विवादों में करीब 8 लाख करोड़ रुपए की रकम फंसी है। सरकार का मानना है कि यदि नई स्कीम से यह विवाद समाप्त हो जाते हैं तो सरकार राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को आसानी से पा लेगी। साथ ही कॉरपोरेट को भी विवादों से छुटकारा मिलेगा।
सबका विश्वास स्कीम से मिले 30 हजार करोड़
सर्विस टैक्स और एक्साइज ड्यूटी से जुड़े पुराने विवादों को निपटाने के लिए सरकार पिछले बजट में सबका विश्वास स्कीम लेकर आई थी। इस स्कीम से सरकार को 30 हजार करोड़ रुपए का राजस्व मिला है। अब एक बार फिर संभावना जताई जा रही है कि सरकार फिर से ऐसी कोई स्कीम लेकर आ सकती है।
65 फीसदी मामले हार जाता है इनकम टैक्स विभाग
इनकम टैक्स विभाग के आंकड़ों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि विभाग टैक्स से जुड़े 65 फीसदी मामले हार जाता है। अब एक बार फिर संभावना जताई जा रही है कि सरकार इन टैक्स विवादों को निपटाने के लिए फिर से कोई स्कीम लेकर आ सकती है। इसके अलावा सरकार कंपनियों से विवादित रकम का कुछ हिस्सा जुर्माने और ब्याज के साथ जमा करने का विकल्प भी दे सकती है। सूत्रों ने कहा है कि सरकार कंपनियों को कुल बकाया रकम का 40 से 50 फीसदी रकम जमा करने के लिए कह सकती है।

