नई दिल्ली। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने कहा है कि अब तक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम के तहत 1.15 करोड़ से ज्यादा फास्टैग जारी किए जा चुके हैं। इन फास्टैग की बिक्री विभिन्न पॉइंट ऑफ सेल के जरिए हुई है। एनएचएआई ने कहा है कि अब रोजाना करीब 1 लाख फास्टैग की बिक्री हो रही है।
रोजाना 52 करोड़ की कमाई
एनएचएआई की ओर से सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया कि फास्टैग के जरिए रोजाना करीब 30 लाख ट्रांजेक्शन हो रहे हैं और रोजाना का इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन 52 करोड़ रुपए के पार चला गया है। एनएचएआई ने 15 दिसंबर से देश के सभी 523 टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन को अनिवार्य कर दिया था। इसके तहत केवल फास्टैग के जरिए टोल का भुगतान लिया जाएगा। हालांकि, अभी 15 जनवरी तक केवल 75 फीसदी टोल लेन में फास्टैग के जरिए ई-टोल लिया जा रहा है। 15 जनवरी के बाद 100 फीसदी टोल लेन को फास्टैग के लिए अनिवार्य कर दिया जाएगा।
क्रेडिट कार्ड, यूपीआई से लिंक कर सकेंगे फास्टैग
राजमार्गों पर टोल भुगतान के लिए वाहनों पर लगाये जाने वाले फास्टैग में अब क्रेडिट कार्ड और यूपीआई के माध्यम से भी राशि डाली जा सकेगी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अधिसूचना जारी कर कहा है कि नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम में अब तक सिर्फ बैंक खातों और प्रीपेड माध्यमों से फास्टैग को जोड़ने की अनुमति थी। अब सभी प्राधिकृत भुगतान तंत्र एवं प्रणालियों से फास्टैग में राशि डालने की अनुमति दी गई है। इसमें गैर-बैंकिंग प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट, कार्ड और एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) शामिल हैं। ग्राहक इन सभी को फास्टैग से जोड़ सकेंगे। इसके बाद इन माध्यमों से टोल और पार्किंग का भुगतान हो सकेगा। राष्ट्रीय भुगतान निगम इन प्लेटफार्मों के ऑपरेटरों से प्राप्त अनुरोधों को स्वीकृति देगा और उन्हें फास्टैग से लिंक करने की सुविधा प्रदान करेगा।

