नई दिल्ली: कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने गैर-मेट्रो शहरों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को बुरी तरह प्रभावित गया और इसके चलते ग्राणीण इलाकों के उपभोक्ताओं के सेटिमेंट्स भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. हालांकि इसके बावजूद रेटिंग एजेंसी ICRA ने चालू वित्त वर्ष 2021-22 के लिए दोपहिया वाहनों की बिक्री के 12-14 फीसदी की दर से बढ़ने के अनुमान को बनाए रखा है. इक्रा के मुताबिक लो बेस, हेल्दी रूरल कैश फ्लो और व्यक्तिगत वाहन को प्रमुखता देने की वजह से दोपहिया वाहनों की मांग को त्यौहारी सत्र में सहारा मिलेगा. इक्रा के मुताबिक दूसरी लहर के चलते ओवरआल कंजम्प्शन और इंवेस्टमेंट डिमांड के रिकवर होने में अभी कुछ समय लग सकता है. ऐसे में ग्रामीण अर्थव्यवस्था से कुछ सहारा मिलने की उम्मीद है.
रबी की अच्छी फसल, मानसून के समय पर पहुंचने, खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और सरकार द्वारा चलाई जा रही आय समर्थित योजनाओं से गांवों में मांग सुधरने में मदद मिलने की उम्मीद है. इससे इस त्योहारी सत्र में दोपहिया वाहनों की बिक्री को सहारा मिलने की उम्मीद है. रेटिंग एजेंसी ने कहा कि महामारी के चलते अपने व्यक्तिगत साधन से कहीं आने-जाने को प्रिफर किया जा रहा है जिससे मांग बढ़ेगी.
इक्रा के वाइस प्रेसिडेंट और सेक्टर हेड (कॉरपोरेट रेटिंग्स) रोहन कंवर गुप्ता के मुताबिक इस साल विभिन्न राज्यों में अप्रैल से जून के बीच लगाया गया लॉकडाउन पिछले साल 2020 में देश भर में लगाए गए लॉकडाउन के लगभग बराबर ही रहा. सेंटिंमेंट्स सही नहीं होने के चलते इस साल अप्रैल और मई में मिनी फेस्टिव और वेडिंग सीजन में दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री में बड़ी गिरावट रही.

