नई दिल्ली: पहली अक्टूबर 2019 से शुरू हुए चालू पेराई सीजन 2019-20 (अक्टूबर-सितंबर) में 15 फरवरी तक देश में चीनी के उत्पादन में 22.67 फीसदी की गिरावट कुल उत्पादन 169.85 लाख टन का ही हुआ है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में चीनी के उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि उत्तर प्रदेश में बढ़ा है।
इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के अनुसार 15 फरवरी तक चीनी का उत्पादन 169.85 लाख टन का ही हुआ है जबकि पिछले साल इस समय तक 219.66 लाख टन का उत्पादन हो चुका था। इस समय देशभर में 449 चीनी मिलों में पेराई चल रही है तथा 23 चीनी मिलों में पेराई बंद हो चुकी है। पिछले साल इस समय 521 चीनी मिलों में पेराई चल रही थी।
इस्मा के अनुसार सूखे, बाढ़ और बेमौसम बारिश से गन्ने की फसल को महाराष्ट्र के साथ ही कर्नाटक में भारी नुकसान हुआ, जिससे इन राज्यों में चीनी के उत्पादन में पिछले साल की तुलना में भारी गिरावट आई है। महाराष्ट्र में 15 फरवरी तक चीनी के उत्पादन में 47.71 फीसदी की गिरावट आकर कुल उत्पादन 43.39 लाख टन का ही हुआ है जबकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में राज्य में 82.98 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका था। राज्य में 143 चीनी मिलों में पेराई चल रही थी, जिनमें से 8 चीनी मिलों में पेराई बंद हो चुकी है। कर्नाटक में चालू पेराई सीजन में 30.80 लाख टन चीनी का ही उत्पादन हुआ है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 38.74 लाख टन से कम है। राज्य में 63 चीनी मिलों में पेराई आरंभ हुई थी, जिनमें से 13 चीनी मिलों में पेराई बंद हो चुकी है।
उत्तर प्रदेश में चालू पेराई सीजन में चीनी का उत्पादन बढ़कर 66.34 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में 63.93 लाख टन का ही उत्पादन हुआ था। राज्य में 119 चीनी मिलों में पेराई चल रही है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 117 मिलों में ही पेराई चल रही थी। तमिलनाडु में चालू पेराई सीजन में चीनी का उत्पादन 15 फरवरी तक घटकर 2.60 लाख टन का ही हुआ है जबकि पिछले पेराई सीजन में इस समय तक 3.85 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका था।

