शपूरजी पालोनजी ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट में टाटा ग्रुप से अलग होने के लिए प्लान जमा कर दिया है. शपूरजी पालोनजी ग्रुप साइरस मिस्त्री के परिवार का समूह है और पिछले 70 सालों से टाटा समूह के साथ है. सितंबर 2020 में शपूरजी पालोनजी समूह ने टाटा ग्रुप से अलग होने की घोषणा की थी. शपूरजी पालोनजी ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मिस्त्री परिवार ने टाटा समूह में अपनी हिस्सेदारी को 1.75 करोड़ रुपये का आंका है.
टाटा ग्रुप और शपूरजी पालोनजी समूह के रिश्तों में कड़वाहट अक्टूबर 2016 में उस वक्त पैदा हुई, जब साइरस मिस्त्री को टाटा सन्स के चेयरमैन मद से हटा दिया गया. उसके बाद से टाटा ग्रुप और साइरस मिस्त्री के बीच दिसंबर 2016 से ही कानूनी लड़ाई चल रही है.
शपूरजी पालोनजी समूह ने सुप्रीम कोर्ट में जमा किए अपने बयान में कहा है कि टाटा सन्स प्रभावी रूप से दो समूहों की कंपनी है. टाटा ट्रस्ट्स, टाटा परिवार के सदस्यों और टाटा कंपनियों के पास इक्विटी शेयर कैपिटल की 81.6 फीसदी हिस्सेदारी है, वहीं मिस्त्री परिवार की 18.37 फीसदी. टाटा सन्स एक कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी और टाटा ग्रुप के लिए होल्डिंग कंपनी है. टाटा सन्स की वैल्यू लिस्टेड इक्विटीज, नॉन लिस्टेड इक्विटीज, ब्रांड, कैश बैलेंस और अचल संपत्तियों में इसकी हिस्सेदारी से निकलती है. टाटा सन्स में शपूरजी पालोनजी समूह की 18.37 फीसदी हिस्सेदारी की वैल्यू 1,75,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है.

