नयी दिल्ली: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने वैश्विक डिपॉजिटरी रिसीट (जीडीआर) जारी करने में हेरा-फेरी करने के मामले में आईकेएफ टेक्नोलॉजीस, इसके दो अधिकारी और क्लिफोर्ड कैपिटल पार्टनर्स पर कुल 15.1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
सेबी ने 24 जून को इस संबंध में आदेश जारी किया। सेबी ने अपनी जांच में पाया कि आईकेएफ ने 30 मार्च 2007 को 1.1 करोड़ डॉलर और 15 मई 2009 को 1.09 करोड़ डॉलर के जीडीआर निर्गम जारी किए। इसके प्रबंधन की मुख्य तौर पर जिम्मेदारी पैन एशिया एडवाइजर्स की रही। अरुण पंछारिया पैन एशिया के संस्थापक और निदेशक और शत प्रतिशत शेयरधारक हैं।
आईकेएफ के दोनों जीडीआर निर्गम की तैयारी और रुपरेखा पंछारिया ने आईकेएफ के साथ मिलीभगत कर भारतीय निवेशकों को नुकसान पहुंचाने के लिए बनायी। इसमें आईकेएफ के जीडीआर खरीदने के लिए दोनों मौकों पर ऋण उपलब्ध कराया गया। पहली बार में ऋण क्लिफोर्ड कैपिटल ने और दूसरी बार में विंटेज एफजेडई ने उपलब्ध कराया। पंछारिया विंटेज के प्रबंध निदेशक भी हैं और उनके पास उसकी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी भी है।

