आरबीआई के सरप्राइज एलान से कमजोर हुआ रुपया

Rupee weakened due to RBI surprise announcement

नई दिल्ली: कोरोना केसेज के बढ़ते मामलों का असर अब भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने लगा है. इस महीने अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय बाजार से 929 करोड़ रुपये की निकासी की है. पिछले वित्त वर्ष 2020-21 की अंतिम तिमाही जनवरी-मार्च 2021 में विदेशी निवेशकों का रुझान इसके ठीक उल्टा था और उन्होंने भारतीय बाजार में निवेश किया था. इससे पहले एफपीआईज ने जनवरी में 14,649 करोड़ रुपये, फरवरी में 23,663 करोड़ रुपये और मार्च में 17304 करोड़ रुपये का निवेश किया था. इस प्रकार चालू वर्ष 2020 के शुरुआती तीन महीने निवेश के बाद कोरोना संकट के चलते विदेशी निवेशकों का रुख अब तक बदला हुआ दिख रहा है और उन्होंने अप्रैल 2021 में अब तक 929 करोड़ रुपये की निकासी की है.

डिपॉजिटरीज डेटा के मुताबिक ओवरसीज इंवेस्टर्स ने 740 करोड़ रुपये इक्विटीज से और 189 करोड़ रुपये डेट सेग्मेंट से निकाले हैं और 1 अप्रैल से 9 अप्रैल के बीच कुल 929 करोड़ की निकासी हुई है. आरबीआई द्वारा गवर्नमेंट सिक्योरिटीज खरीदने के सरप्राइज एनाउंसमेंट से रुपया कमजोर हुआ जिसके चलते एफपीआईज ने निकासी की है.

कोटक सिक्योरिटीज के एग्जेक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और फंडामेंटल रिसर्च के एग्जेक्यूटिव प्रमुख रुस्मिक ओझा के मुताबिक अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के चलते एफपीआई भारतीय बाजार से निकासी कर रहे हैं. ओझा के मुताबिक आरबीआई की मौद्रिक नीतियों की बैठक में चालू वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में आरबीआई द्वारा 1 लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की खरीदारी का सरप्राइज एनाउंसमेंट किया गया था. इसके चलते रुपये में कमजोरी आई और डॉलर की तुलना में इसके भाव 74.8 रुपये से गिरकर 72.4 रुपये तक गिर गए.

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