नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जरूरत की चीजों के विनिर्माण में आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देते हुये मंगलवार को जनता से ‘लोकल पर वोकल बनने’ यानी स्थानीय उत्पादों को महत्व देने और उनकी मांग बढ़ाने के साथ ही उनका प्रचार करने पर भी जोर दिया।
कोरोना वायरस महामारी के प्रसार पर अंकुश के लिये लागू लॉकडाउन के तीसरे चरण के समाप्त होने से पांच दिन पहले राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के इस दौर में ‘लोकल’ ने ही हमें बचाया है। स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों ने ही आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया है, हमें इसे ही अपने आत्मनिर्भर बनने का मंत्र बनाना चाहिये। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ को सशक्त बनाना है।
यह सब आत्मनिर्भरता, आत्मबल से ही संभव होगा। उन्होंने कहा, ‘‘समय की मांग है कि भारत हर प्रतिस्पर्धा में जीते, सरकार जो आर्थिक पैकेज घोषित कर रही है उसमें अनेक प्रावधान किये गये हैं, इससे क्षमता बढ़ेगी, गुणवत्ता बेहतर होगी।’’ मोदी ने स्थानीय उत्पाद के मामले में खादी और हथकरघा का उदाहरण देते हुये कहा कि ‘‘आपसे मैंने इन उत्पादों को खरीदने का आग्रह किया तो इन उत्पादों की बिक्री रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई। इसका काफी अच्छा परिणाम मिला।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि एक वायरस ने पूरी दुनिया को तहस – नहस कर दिया, सारी दुनिया जिंदगी बचाने की जंग में जुटी है।

