चीन के रेगुलेटर्स ने Ant Group को अपने कारोबारों में सुधार (रेक्टिफिकेशन) करने का आदेश दिया है. यह भी कहा है कि ग्रुप नियामकीय आवश्यकताओं का अनुपालन करे. Ant Group दुनिया की सबसे बड़ी फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनी है. बता दें कि चीन में इंटरनेट सेक्टर में एंटी मोनोपोली प्रैक्टिसेज को लेकर जांच तेज हुई है. आंट ग्रुप के फाउंडर चीन के सबसे अमीर व्यक्ति जैक मा हैं. वह अलीबाबा के भी फाउंडर हैं. आंट ग्रुप की शुरुआत अलीबाबा के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Taobao के लिए पेमेंट सर्विसेज के तौर पर हुई थी. आज यह ग्रुप इंश्योरेंस व इन्वेस्टमेंट प्रॉडक्ट की भी पेशकश करता है.
चीन के रेगुलेटर्स ने रविवार को बयान में कहा कि चीन के केन्द्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने Ant Group के एग्जीक्यूटिव्स को शनिवार को समन जारी किया. उन्हें आदेश दिया गया है कि वे एक रेक्टिफिकेशन प्लान तैयार करें. साथ ही क्रेडिट, इंश्योरेंस व वेल्थ मैनेजमेंट सर्विसेज समेत अपने कारोबार के इंप्लीमेंटेशन टाइमटेबल को भी तैयार करें.
बयान में कहा गया कि Ant Group में गवर्नेंस मैकेनिज्म की कमी है, ग्रुप ने नियामकीय अनुपालन जरूरतों की अवहेलना की है और नियामकीय मध्यस्थता में संलग्न है. यह भी कहा गया कि कंपनी ने मार्केट में अपनी पोजिशन का इस्तेमाल अपने प्रतिद्वंदियों को बाहर करने में किया है और उपभोक्ताओं के अधिकारों व हितों को हानि पहुंचाई है.
पिछले माह चाइनीज रेगुलेटर्स ने आंट ग्रुप के 37 अरब डॉलर के आईपीओ को शंघाई व हॉन्ग कॉन्ग स्टॉक एक्सचेंजेस पर लिस्ट होने से रोक दिया था. कुछ दिन पहले ही चीन ने अलीबाबा ग्रुप के खिलाफ एंटी मोनोपोली जांच की घोषणा की है. अलीबाबा की आंट ग्रुप में 33 फीसदी हिस्सेदारी है. रेगुलेटर्स के आदेश आंट ग्रुप के विस्तार को रोक सकते हैं और इसके आकर्षक फाइनेंस बिजनेसेज को अव्यवस्था में धकेल सकते हैं.

