नई दिल्ली: केंद्र सरकार के जॉब पोर्टल पर एक करोड़ से अधिक बेरोजगारों ने नौकरी की गुहार लगाई है। इसके जवाब में अब तक सरकार ने 67.99 लाख नौकरियों की सूचना पोर्टल पर दी है। इनमें से कितनी नौकरियां पंजीकृत बेरोजगारों को मिलीं, इसका आंकड़ा सरकार के पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है।
श्रम और रोजगार मंत्री संतोष गंगवार पूर्व में लोकसभा में हुए एक सवाल के जवाब में साफ कर चुके हैं कि नेशनल करियर सर्विस(एनसीएस) पोर्टल के जरिए कितने लोगों को नौकरी मिली, इसके आंकड़े नहीं रखे। बल्कि इस पोर्टल पर रजिस्टर्ड वैकेंसी और पंजीकृत बेरोजगारों से जुड़े आंकड़े रहते हैं।
श्रम और रोजगार मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “नेशनल करियर सर्विस प्लेटफॉर्म के जरिए बेरोजगारों को समय से उनके लायक सरकारी और प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों की सूचना दी जाती है। इस महत्वाकांक्षी पोर्टल को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। कंपनियों को भी पोर्टल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाता है। यही वजह है कि समय के साथ बेरोजगारों का रजिस्ट्रेशन और नौकरियों की सूचना इस पोर्टल पर बढ़ी है।”
मोदी सरकार ने नौकरियों के लिए दर-दर भटकने वाले बेरोजगारों और अच्छे कर्मचारियों की तलाश में लगे संस्थानों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए 2015 में खास पहल की थी। इसके लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने नेशनल करियर सर्विस पोर्टल का प्लेटफॉर्म लांच किया था।
यह ऐसा पोर्टल है, जिस पर बेरोजगार अपनी शैक्षिक आदि योग्यता की जानकारी देते हुए प्रोफाइल बना सकते हैं। वहीं नौकरी देने वाली कंपनियां भी यहां रजिस्ट्रेशन कराती हैं। कोई भी पंजीकृत बेरोजगार एक क्लिक कर अपने लायक उपलब्ध नौकरियों और संस्थानों की जानकारी ले सकता है।

