चेन्नई: कारोबारी संगठन अपैरल एंड हैंडलूम एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने रविवार को कहा कि चालू लॉकडाउन ने सितंबर तक आपूर्ति की जाने वाले सामानों पर व्यापक असर डाला है। संगठन राज्य में लगभग 400 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) का प्रतिनिधित्व का दावा करता है।
एसोसिएशन के मानद सचिव निशांत जैन ने कहा कि चेन्नई और पड़ोसी जिलों में 12 दिनों के लॉकडाउन के कारण कार्यबल काफी हद तक प्रभावित हुआ है। उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि 30 जून को समाप्त होने वाले लॉकडाउन को और न बढ़ाया जाये क्योंकि व्यापारी अपने उपभोक्ताओं को सेवा मुहैया करा पाने में असमर्थ हैं।
उन्होंने एक बयान में कहा कि परिधान और हथकरघा निर्यात कंपनियां लगभग 1.50 लाख श्रमिकों को रोजगार देती हैं, जिनमें 90 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। चल रहे लॉकडाउन के कारण उनके पास आजीविका का कोई अन्य स्रोत नहीं है। उन्होंने कहा कि मार्च से लेकर मई तक कंपनियों द्वारा ऑर्डर रद्द करने के कारण उद्योग पहले ही भारी नुकसान का सामना कर रहा था। उन्होंने कहा कि तैयार माल को जून से सितंबर के बीच निर्यात किया जाना है और अगर कंपनियों ने विदेशी उपभोक्ताओं को समय पर आपूर्ति नहीं की, तो कंपनियां ऑर्डर रद्द कर सकती हैं।

