अरबपति निवेशक राकेश झुनझुनवाला का मानना है कि भारत बड़े सुधारों के मामले में काम कर रहा है और इसके साथ अब घरेलू बाजार में बुल मार्केट आने वाला है. एनडीटीवी के साथ अपने इंटरव्यू में झुनझुनवाला ने कहा कि मैक्रो इंडिकेटर और मार्केट मूवमेंट से बुल मार्केट का संकेत मिलता है जहां उनका मानना है कि फार्मास्युटिकल, इंफ्रास्ट्रक्चर और आईटी सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा होगा. झुनझुनवाला ने पहले कहा था कि कोरोना वायरस भारत के लिए सुधार लाने का एक मौका है. इसके साथ उन्होंने कहा था कि भारत को अपनी इज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में सुधार लाने की भी जरूरत है.
झुनझुनवाला ने कहा कि भारत ने पिछले कुछ सालों में कई सुधार किए हैं जिससे कॉरपोरेट की दुनिया में बहुत कुशलता लाने में मदद मिली है. उन्होंने कहा कि यह बुल मार्केट का पैदा होना है जहां आपके पास एक बदलता देश है, ग्रोथ में बड़ी गिरावट है और सभी लोग वृद्धि से घबराए हुए हैं. ब्रॉकरेज और रिसर्च फर्म मोतीलाल ओस्वाल की हाल ही में आई रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी घरों की इक्विटी एसेट्स को सबसे ज्यादा पहुंच है. उनकी वित्तीय बैलेंस शीट में यह 45 फीसदी पर है जबकि भारतीय घरों में केवल 14 फीसदी है.

